सूरजपुर पुलिस का ‘चलित थाना’ अभियान: 18 गांवों में मौके पर हुआ शिकायतों का निपटारा, साइबर ठगी के प्रति जनता को किया आगाह

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम करने और न्याय को सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक पहुँचाने के उद्देश्य से सूरजपुर पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। डीआईजी और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में जिले के 18 गांवों में ‘चलित थाना’ आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य मकसद न केवल शिकायतों का मौके पर निराकरण करना था, बल्कि ग्रामीणों को आधुनिक अपराधों, विशेषकर साइबर ठगी के प्रति जागरूक करना भी रहा।
मौके पर न्याय और पुलिस की सक्रियता
27 और 28 अप्रैल 2026 को आयोजित इन चलित थानों में जिले के विभिन्न थाना और चौकी प्रभारियों ने अपनी टीमों के साथ गांवों का दौरा किया। प्रशांत कुमार ठाकुर ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुलिस सेवाओं को जनता के इतना करीब लाया जाए कि उन्हें अपनी छोटी-मोटी समस्याओं के लिए थाने की दौड़ न लगानी पड़े।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। कई शिकायतों का तत्काल निराकरण कर उन्हें राहत दी गई। इस पहल से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया और उन्होंने पुलिस के साथ सूचना साझा करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर ठगी से बचने के गुरु सिखाए
वर्तमान में बढ़ते ऑनलाइन अपराधों को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी। विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए तरीके के फ्रॉड पर जोर दिया गया।
क्या है डिजिटल अरेस्ट: पुलिस ने बताया कि ठग फर्जी अधिकारी (CBI, पुलिस या कस्टम विभाग) बनकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स के झूठे केस में फंसाकर डराते हैं। वे पीड़ित को वीडियो कॉल पर ही ‘डिजिटल बंधक’ बना लेते हैं और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे वसूलते हैं।
बैंकिंग फ्रॉड: अधिकारियों ने म्यूल अकाउंट, बैंक एटीएम बदलकर होने वाली धोखाधड़ी और फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी (OTP) मांगने वाले गिरोहों से सावधान रहने की सलाह दी।
महिला सुरक्षा और अभिव्यक्ति ऐप का प्रचार
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सूरजपुर पुलिस की प्राथमिकता सूची में ऊपर है। चलित थानों में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में बताया गया।
पुलिस ने ‘अभिव्यक्ति ऐप’ के बारे में ग्रामीणों को शिक्षित किया, जो संकट के समय महिलाओं के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इसके माध्यम से महिलाएं तत्काल पुलिस की सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
अवैध कारोबार पर प्रहार और सामाजिक जागरूकता
चलित थाना के दौरान पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि गांव में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार, जैसे अवैध शराब की बिक्री, जुआ या नशीले पदार्थों का धंधा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूचना तंत्र: ग्रामीणों से अपील की गई कि वे ऐसे संदिग्ध लोगों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यातायात और राहत: सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले ‘गुड सेमेटेरियन’ (नेक व्यक्ति) को प्रोत्साहित किया गया और यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।
कल्याणकारी योजनाएं: शासन की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी साझा की गई ताकि ग्रामीण उनका लाभ उठाकर मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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