सरगुजा: मानवाधिकार संगठन के नाम पर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला सहित 6 गिरफ्तार

Deshkibaat24
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सीतापुर सरगुजा: जिले में मानवाधिकार संगठन का फर्जी सदस्य बनकर ग्रामीणों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने वाले एक अंतर-जिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सीतापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से वसूली की गई नकद राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई इन्नोवा कार जब्त कर ली गई है।
फर्जी छापेमारी और धमकी का पूरा मामला
घटना 21 अप्रैल 2026 की है। ग्राम नकना निवासी सुरेन्द्र कुमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 6 अज्ञात व्यक्ति उनके घर में बिना अनुमति के घुस आए। खुद को मानवाधिकार संगठन का सदस्य बताते हुए इन लोगों ने घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी। आरोपियों ने सुरेन्द्र कुमार पर अवैध शराब बनाने का आरोप लगाते हुए मानसिक दबाव बनाया और मामला रफा-दफा करने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। जेल जाने के डर से सुरेन्द्र ने उन्हें 4,000 रुपये दे दिए।
इसके बाद यह गिरोह उसी गांव के दूसरे पारा में पहुँचा और बिन्दू महंत के घर में घुस गया। वहां इलाज के लिए रखी कुछ दवाइयों को देखकर आरोपियों ने अवैध क्लिनिक चलाने का आरोप लगाया और डरा-धमकाकर 1 लाख रुपये की मांग की। काफी प्रताड़ित करने के बाद उन्होंने वहां से भी 1,000 रुपये वसूल लिए।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने तत्काल सीतापुर पुलिस टीम को आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
श्याम लाल सारथी (रायगढ़)
रामा कांत मिंज (रायगढ़)
अनुज भगत (अम्बिकापुर)
अकाश केरकेट्टा (अम्बिकापुर)
अबित खेस (सूरजपुर)
एक महिला आरोपी
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने न केवल सीतापुर, बल्कि बतौली और लुण्ड्रा थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह फर्जी डॉक्टर होने का हवाला देकर और लोगों को डराकर वसूली की थी। पुलिस ने उनके पास से वसूली के 5,000 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त इन्नोवा वाहन बरामद किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 333, 61(2), 112 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के कुछ अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
टीम की सफलता
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, रघुनाथ राम भगत, शशि प्रभा दास, निरज पाण्डेय, आशावती, मनोहर कुमार, प्रमित भगत, राकेश यादव, धनकेश्वर यादव, देववत्त सिंह और सेवक प्रसाद की मुख्य भूमिका रही।
सावधान: पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को किसी संगठन का सदस्य बताकर डराने या पैसे मांगने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।

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