गांधीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पतरापारा में हुए इस संवेदनशील आत्मघाती मामले में मुख्य आरोपियों को पुलिस ने भेजा न्यायिक हिरासत में

Deshkibaat24
5 Min Read

अम्बिकापुर : सरगुजा जिला अंतर्गत थाना गांधीनगर क्षेत्र के ग्राम सरगवां पतरापारा में एक बेहद हृदयविदारक एवं संवेदनशील घटना सामने आई है, जहां एक विवाह कार्यक्रम के दौरान हुए मामूली विवाद और मारपीट से क्षुब्ध होकर 25 वर्षीय आदिवासी युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मर्ग जांच के पश्चात त्वरित कार्रवाई की है और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरा मामला क्षेत्र में भारी चर्चा और तनाव का विषय बना हुआ है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, गांधीनगर थाना क्षेत्र के सरगवां (पतरापारा) निवासी रूकचंद नागेश पिता अमर साय नागेश (उम्र 25 वर्ष) विगत 27 अप्रैल 2026 को गांव में ही आयोजित पंडा नामक व्यक्ति के विवाह मंडप कार्यक्रम में सम्मिलित होने गया था। विवाह समारोह में देर रात तक खुशियों का माहौल था और तेज आवाज में डीजे साउंड बज रहा था, जिस पर ग्रामीण और बाराती झूम रहे थे। रात करीब 1:00 बजे विवाह स्थल पर मौजूद गांव के ही कुछ दबंग युवकों ने माहौल को बिगाड़ना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि रात के करीब एक बजे आरोपी रामप्रसाद, राजनाथ और अजीत ने वहां मौजूद मृतक की मां कबिलासो को जबरन डीजे पर नाचने के लिए कहा। मां को इस तरह सार्वजनिक रूप से नाचने के लिए मजबूर किए जाने का जब युवा पुत्र रूकचंद नागेश ने कड़ा विरोध किया और कहा कि उसकी मां नहीं नाचेगी, तो आरोपी इस बात से उग्र हो गए। विवाद इतना बढ़ा कि तीनों आरोपियों ने मिलकर निहत्थे रूकचंद नागेश के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट कर दी। भरी महफिल में हुए इस अपमान और शारीरिक प्रताड़ना से युवक बुरी तरह टूट गया।
बहन को सुनाई आपबीती, फिर उठाया आत्मघाती कदम
गवाहों के बयान के अनुसार, आरोपियों द्वारा की गई मारपीट और सरेआम बेइज्जती से अत्यंत दुखी, आहत और क्षुब्ध होकर रूकचंद नागेश शादी के कार्यक्रम से रोते हुए रात करीब 3:00 बजे अपने घर वापस लौटा। उसने घर पहुंचकर अपनी बहन और मामले की सूचनाकर्ता सुमरी नागेश को रोते-रोते पूरी घटना की जानकारी दी और समाज में हुए अपने अपमान का जिक्र किया। इसके कुछ ही देर बाद, जब घर के लोग सो रहे थे, रूकचंद ने मानसिक अवसाद में आकर गांव के ही एक पीपल के पेड़ में कृषि कार्य में उपयोग होने वाले ड्रीप पाइप का फंदा बनाया और उस पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना सुबह मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। गांधीनगर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और मर्ग क्रमांक 37/2026 के तहत धारा 194 बीएनएसएस (BNSS) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के शोक संतप्त परिजनों, चश्मदीदों और स्वतंत्र गवाहों से घटना के संबंध में बेहद बारीक और विस्तृत पूछताछ की। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आरोपियों की प्रताड़ना और मारपीट ही युवक की आत्महत्या का मुख्य कारण बनी।
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर गांधीनगर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 108 और 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध क्रमांक 277/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना को आगे बढ़ाया। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के सख्त दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर तीनों संलिप्त आरोपियों को हिरासत में लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 25 मई 2026 को उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपियों का विवरण:
रामप्रसाद उर्फ रित्रा पिता मुन्ना राम, उम्र 28 वर्ष, निवासी सरगवां, थाना गांधीनगर।
अजीत कुमार पिता शिवप्रसाद यादव, उम्र 32 वर्ष, निवासी सरगवां, थाना गांधीनगर।
राजनाथ तिर्की पिता नानसाय, उम्र 40 वर्ष, निवासी सरगवां, थाना गांधीनगर।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
इस गंभीर मामले की गुत्थी को सुलझाने व आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करने में गांधीनगर थाना प्रभारी और निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे, प्रधान आरक्षक इमरान गालिब और सैनिक रोशन गुप्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने टीम की इस त्वरित व सख्त कार्रवाई की सराहना की है।

Share This Article
Leave a comment