
सूरजपुर: जिला के ग्राम पंचायत कसकेला में सोमवार को स्थानीय बाजार की नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में हुई इस खुली बोली में भारी उत्साह देखने को मिला और अंततः पारदर्शिता के साथ बाजार का आवंटन किया गया।
51 हजार से शुरू हुई बोली, 2.12 लाख तक पहुंची
बाजार नीलामी की शुरुआती बोली 51,000 रुपये निर्धारित की गई थी। नीलामी प्रक्रिया शुरू होते ही बोली लगाने वालों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से पांच ठेकेदारों ने हिस्सा लिया, जिनमें अरुण बंजारा, रामशरण, राकेश, शिवप्रसाद और शिवलाल शामिल थे।
सभी ठेकेदारों द्वारा एक-दूसरे से बढ़कर बोली लगाई गई। नीलामी के दौरान रामशरण ने सर्वाधिक 2,12,100 रुपये की बोली लगाकर सबसे ऊंचा स्थान प्राप्त किया।
नियमों के चलते दूसरे स्थान वाले को मिला मौका
नीलामी की शर्तों के अनुसार, उच्चतम बोली लगाने वाले को कुल राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा तत्काल अग्रिम जमा करना अनिवार्य था। रामशरण द्वारा निर्धारित समय पर यह राशि जमा नहीं कर पाने के कारण, नियमानुसार दूसरे स्थान पर रहे अरुण बंजारा को अवसर दिया गया।
अरुण बंजारा की बोली 2,01,150 रुपये (दो लाख एक हजार एक सौ पचास रुपये) थी। उन्होंने मौके पर ही 75 प्रतिशत की अग्रिम राशि (1,50,900 रुपये) जमा कर रसीद प्राप्त की और बाजार का ठेका अपने नाम कर लिया।
पारदर्शिता के साथ हुआ निर्णय
पूरी नीलामी प्रक्रिया शासन के नियमों के तहत ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की गई। नीलामी के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:
सरपंच प्रतिनिधि: द्वारपाल पैकरा
उपसरपंच प्रतिनिधि: सुखलाल पैकरा
सचिव: देवेश्वर प्रसाद
पंच प्रतिनिधि: सुखलाल, अनिल देवांगन, लक्ष्मण बंजारा, उदय सिंह और कैलाश सिंह।
इसके साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जन भी इस पारदर्शी प्रक्रिया के साक्षी बने। पंचायत प्रशासन ने बताया कि नीलामी से प्राप्त इस राशि का उपयोग ग्राम विकास और जनहित के कार्यों में किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस निष्पक्ष प्रक्रिया की सराहना की है।

