आर्थिक संबल से सशक्त होंगे शिक्षा के सपने: सूरजपुर कलेक्टर की संवेदनशील पहल से छात्रा स्वाति मरावी को मिली नई राह

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन सूरजपुर ने एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय कदम उठाया है। प्रशासन ने एक जरूरतमंद छात्रा के उच्च शिक्षा के सपनों को न केवल टूटने से बचाया, बल्कि उन्हें एक नया संबल भी प्रदान किया है। कलेक्टर रेना जमील ने गोवर्धनपुर निवासी छात्रा स्वाति मरावी को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए बैग एवं गणवेश (यूनिफॉर्म) प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पूरे मनोयोग व लगन के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
आर्थिक तंगी बन रही थी बाधा, प्रशासन ने बढ़ाया हाथ
मिली जानकारी के अनुसार, गोवर्धनपुर की रहने वाली स्वाति मरावी वर्तमान में शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। स्वाति मरावी का सपना उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़े होना है, लेकिन पारिवारिक आर्थिक कठिनाइयों और तंगी के कारण उनकी आगे की पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा था।
अपनी शिक्षा को प्रभावित होता देख छात्रा ने जिला प्रशासन से संपर्क कर अपनी स्थिति बयां की और सहायता के लिए अनुरोध किया था। मामले की गंभीरता और छात्रा के पढ़ने के जज्बे को देखते हुए कलेक्टर रेना जमील ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बिना किसी देरी के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को त्वरित और आवश्यक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए।
बैग-गणवेश के साथ छात्रावास और फीस की भी होगी व्यवस्था
कलेक्टर के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग तुरंत एक्शन में आया। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित सहायता के रूप में छात्रा स्वाति मरावी को कॉलेज के लिए आवश्यक गणवेश और बैग उपलब्ध करा दिया गया है।
प्रशासन की यह सहायता केवल यहीं तक सीमित नहीं रहने वाली है। छात्रा को आगे की पढ़ाई में रहने, खाने या किताबों की कोई समस्या न हो, इसके लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा स्वाति के लिए:
सुरक्षित छात्रावास (हॉस्टल) में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पाठ्यक्रम से संबंधित सभी आवश्यक पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
कॉलेज की फीस की व्यवस्था के लिए भी विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
“कोई भी अभाव शिक्षा के रास्ते में रोड़ा नहीं बनना चाहिए”
जिला प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय पहल ने यह साफ कर दिया है कि शासन और प्रशासन बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बेटी का सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा। प्रशासन की इस संवेदनशीलता की पूरे जिले में सराहना हो रही है, और यह कदम अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भी उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है।

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