अम्बिकापुर/रायपुर : प्रदेश को डिजिटल ठगी और साइबर अपराधों से मुक्त कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस एक बड़ा और अनोखा जन-जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त से शुरू होकर गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक चलने वाले इस “साइबर जागृति अभियान” का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने इस राज्यव्यापी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। वहीं सरगुजा संभाग के अम्बिकापुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा और सरगुजा के पुलिस अधीक्षक (डीआईजी) राजेश कुमार अग्रवाल ने अभियान का आधिकारिक लिंक और क्यूआर (QR) कोड जारी कर जिले में इसकी शुरुआत की।
“साइबर जागृति की एक सेल्फी”: सोशल मीडिया पर छिड़ेगी मुहीम
देश के सबसे इनोवेटिव और ट्रेंडी सोशल मीडिया अभियानों में से एक माने जा रहे इस कार्यक्रम की मुख्य थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” रखी गई है।
इस पहल के तहत नागरिक, राज्य व जिला पुलिस द्वारा जारी लिंक या QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर एक विशेष जागरूक “सेल्फी फ्रेम” में अपनी फोटो ले सकेंगे। इस सेल्फी को जब लोग अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, एक्स) पर शेयर करेंगे, तो साइबर सुरक्षा का संदेश उनके दोस्तों, परिजनों और फॉलोअर्स तक तेज़ी से पहुंचेगा।
अम्बिकापुर में प्रेसवार्ता के दौरान आईजी दीपक कुमार झा और एसपी राजेश कुमार अग्रवाल ने स्वयं अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर सेल्फी ली और उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपलोड करके आम जनता को प्रेरित किया।
पुलिस प्रशासन की अपील:
पुलिस अधिकारियों ने जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक व व्यापारिक संगठनों, युवाओं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, शिक्षकों और कलाकारों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर अपनी सेल्फी शेयर करें और साइबर अपराध के खिलाफ इस जंग में पुलिस का साथ दें।
7 हफ़्तों का मास्टर प्लान: जानें किस सप्ताह क्या होगा
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक कुल 7 सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान के तहत समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर अलग-अलग विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
पहला सप्ताह (स्कूल एवं कॉलेज): डिजिटल सतर्कता और ऑनलाइन सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी।
दूसरा सप्ताह (बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान): ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, यूपीआई (UPI) पिन सुरक्षा और बैंक फ्रॉड से बचाव।
तीसरा सप्ताह (वरिष्ठ नागरिक): बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी कॉल (Spam/Scam Calls) के प्रति टाउन हॉल के जरिए जागरूकता।
चौथा सप्ताह (महिला कॉलेज व सामुदायिक समूह): स्मार्टफोन प्राइवेसी, सेफ ब्राउज़िंग और सोशल मीडिया पर निजता की सुरक्षा।
पांचवां सप्ताह (रोजगार कार्यालय, ITI व कौशल विकास केंद्र): युवाओं को जॉब फ्रॉड, वर्क-फ्रॉम-होम स्कैम और फिशिंग लिंक के प्रति सतर्क करना।
छठा सप्ताह (व्यापक जन-अभियान): डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित व सीमित उपयोग पर चर्चा।
सातवां सप्ताह (ग्राम पंचायतें व नगरीय निकाय): गांधी जयंती के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में ‘साइबर-मुक्त छत्तीसगढ़’ का सामूहिक संकल्प।
सार्वजनिक स्थलों और व्हाट्सएप के जरिए पहुंचेगा QR कोड
अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए पुलिस प्रशासन सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों, बस स्टैंड, पार्कों, बाजारों और मॉल में बड़े-बड़े पोस्टर व बैनर के माध्यम से QR कोड प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा, व्हाट्सएप ग्रुप्स और पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के जरिए लिंक को हर नागरिक तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है।
2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के दिन इस व्यापक अभियान का समापन किया जाएगा, जहां 7 हफ़्तों के इस प्रयास के परिणामों का आकलन कर राज्य को सुरक्षित डिजिटल माहौल देने का संकल्प दोहराया जाएगा।