सूरजपुर: ₹4.24 करोड़ के गांजा तस्करी मामले का मुख्य सरगना कटनी से गिरफ्तार, अब तक 9 आरोपी सलाखों के पीछे

Deshkibaat24
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सूरजपुर : मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ सूरजपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना जयनगर पुलिस ने ₹4 करोड़ 24 लाख से अधिक मूल्य के गांजा जब्ती एवं एनडीपीएस एक्ट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य सरगना को मध्य प्रदेश के कटनी जिले से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ‘एंड-टू-एंड’ (End-to-End) विवेचना के तहत पूर्व में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर परिवहन में प्रयुक्त बस को पहले ही जब्त कर चुकी है।
गुप्त सूचना पर हुई थी अंतरराज्यीय बस में रेड
मामले का खुलासा 04 जून 2026 को हुआ था, जब जयनगर पुलिस को सटीक सूचना मिली कि अंबिकापुर से मनेन्द्रगढ़ की ओर जा रही नीलम बस (क्रमांक CG 15 EH 4301) में घुमंतू किस्म के महिला व पुरुष सवार हैं। ये लोग अपने पास रखी बोरियों और कपड़ों की गठरियों में अवैध मादक पदार्थ गांजा छुपाकर ले जा रहे थे। तस्करी को छिपाने के लिए गठरियों के ऊपरी हिस्से पर झाड़ू बांध रखे गए थे।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सिलफिली के पास घेराबंदी कर बस को रोका। तलाशी के दौरान बस की लोअर सीट और ऊपर की स्लीपर सीटों में रखी 53 बोरियां तथा कपड़े की गठरियां बरामद हुईं। जांच करने पर बोरियों से कुल 848 किलोग्राम 650 ग्राम गांजा (अनुमानित कीमत ₹4,24,00,000/-), 478 नग झाड़ू, 1 मोबाइल और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही बस जब्त की गई।
मौके से हुई थीं 7 गिरफ्तारियां, बाद में पकड़ाया था 8वां आरोपी
घटना के दिन ही पुलिस ने बस चालक समेत 7 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया था, जिनमें शामिल थे:
गोल झरनी
उनर बाई
रूजीना
अटरिया
अन्टबाई
पेहरी बाई
छोटन राम (बस चालक)
इन सभी के खिलाफ थाना जयनगर में अपराध क्रमांक 140/2026 धारा 20(बी), (आईआई), (सी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। इसके पश्चात, गहन जांच जारी रखते हुए पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को मामले के 8वें आरोपी जाजोन सिंह (निवासी बरही, जिला कटनी, मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया था।
कटनी जेल के बाहर से पकड़ा गया मुख्य सरगना
सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल (IPS) ने प्रकरण में एंड-टू-एंड विवेचना करते हुए गिरोह की पूरी कड़ी को तोड़ने और फरार आरोपियों की धरपकड़ के कड़े निर्देश दिए थे।
विवेचना के दौरान जयनगर पुलिस को जानकारी मिली कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड अरसेन धुर्वे पवार (पारधी) (पिता स्व. बाबिर पवार, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम सिनगौडी फुटहा टोला खिरवा, थाना विजयराघवगढ़, जिला कटनी; स्थायी पता: डिंडोरी शहपुरा, मध्य प्रदेश) है। आरोपी अरसेन धुर्वे मध्य प्रदेश के थाना बरही में धारा 25 आर्म्स एक्ट के एक मामले में जिला जेल कटनी में बंद था।
जैसे ही वह जिला जेल कटनी से रिहा होकर बाहर आया, जयनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मुस्तैदी दिखाते हुए उसे जेल परिसर के पास से ही धर दबोचा।
पूछताछ में खुला तस्करी का तरीका (Modus Operandi)
पुलिस की कड़ी पूछताछ में मुख्य सरगना अरसेन धुर्वे ने गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क और काम करने के तरीके का खुलासा किया। उसने बताया कि:
मई-जून महीने में उसने ग्राम खिरहनी पारधी बस्ती में जाकर स्थानीय लोगों को झाड़ू फैक्ट्री से झाड़ू लाने के बहाने ओडिशा चलने को कहा और प्रत्येक को ₹5,000 से ₹10,000 देने का लालच दिया।
वह ग्रामीणों को पिकअप वाहन से कटनी ले गया, जहां से ट्रेन पकड़कर बिलासपुर होते हुए राउरकेला (ओडिशा) पहुंचे।
ओडिशा से झाड़ू और गांजे की गठरियां पिकअप वाहन में लोड करके अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के आगे कालीघाट के पास लाए।
कालीघाट के पास सभी को गांजे और झाड़ू से भरी गठरियां सौंप दी गईं। इसके बाद अंबिकापुर बस स्टैंड से एजेंट के माध्यम से नीलम बस को मध्य प्रदेश के विजयराघवगढ़ ले जाने के लिए बुक किया गया।
पूरी योजना के तहत बस को कालीघाट बुलाया गया, जहां सभी आरोपी गांजा व झाड़ू लेकर सवार हुए। लेकिन सिलफिली के पास पुलिस की मुस्तैदी से पूरी साजिश नाकाम हो गई।
विवेचना जारी
सूरजपुर पुलिस के अनुसार मामले में एंड-टू-एंड जांच अभी भी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।
इस सफल अंतरराज्यीय कार्रवाई में जयनगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता, उपनिरीक्षक (SI) सोहन सिंह, प्रधान आरक्षक रजिन्दर एक्का, आरक्षक जितेन्द्र साहू एवं हरि सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

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