डॉयल 112 आरक्षक की सूझबूझ से हथियारबंद दो आरोपी गिरफ्तार, एसपी ने की नगद इनाम की घोषणा

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में डॉयल 112 में तैनात एक आरक्षक की सतर्कता और सूझबूझ से बड़ी वारदात टल गई। आरक्षक ने ग्रामीणों के सहयोग से कार सवार दो युवकों को धारदार चाकू और पिस्टल जैसे दिखने वाले हथियार के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरक्षक की इस तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा से प्रभावित होकर सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने उन्हें नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
कार में घूम रहे थे हथियारबंद बदमाश
जानकारी के अनुसार, सूरजपुर डॉयल 112 में तैनात आरक्षक प्रदीप सोनवानी को ग्राम मंहगई के हरिजनपारा में एक संदिग्‍ध बलेनो कार (क्रमांक CG 29 AG 1126) में दो युवकों की मौजूदगी की भनक लगी। आरक्षक को खबर मिली कि कार में सवार चालक और उसका साथी पिस्टल व धारदार चाकू लेकर घूम रहे हैं और किसी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं। परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए आरक्षक प्रदीप सोनवानी ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय ग्रामीणों को साथ लिया और घेराबंदी कर कार में मौजूद दोनों संदिग्धों को मौके पर ही रोककर पकड़ लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जब्ती
आरक्षक द्वारा तत्काल दी गई सूचना के आधार पर रामानुजनगर थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने घेराबंदी में मौजूद दोनों युवकों को अपनी हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय कैफ अंसारी (पिता सहाबुद्दीन अंसारी) और 19 वर्षीय विकास रवि (पिता स्व. रामकुमार रवि) के रूप में हुई। दोनों आरोपी नावापारा खुर्द के निवासी हैं।
तलाशी लेने पर पुलिस को आरोपियों के कब्जे से एक धारदार चाकू और एक पिस्टलनुमा हथियार बरामद हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल की गई बलेनो कार, चाकू और पिस्टलनुमा हथियार को जब्त कर लिया।
विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज
मामले में रामानुजनगर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 237/26, धारा 25 आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है।
पुलिस अधीक्षक ने की कार्यप्रणाली की तारीफ
समय रहते दी गई सूचना और सजगता के कारण एक संभावित गंभीर घटना टल गई। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने आरक्षक प्रदीप सोनवानी के इस सराहनीय और निर्भीक कार्य की जमकर प्रशंसा की। पुलिस महकमे का मनोबल बढ़ाने और उत्कृष्ट सेवा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्होंने आरक्षक को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

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