फर्जी आधार कार्ड बनाकर अदालतों को धोखा देने वाला शातिर गिरफ्तार, कई मामलों में कराई थी जमानत

Deshkibaat24
5 Min Read


सूरजपुर  : न्यायिक प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और जालसाजी करने वाले एक गंभीर मामले का भंडाफोड़ करते हुए सूरजपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी अदालतों में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज और जाली पहचान पत्र प्रस्तुत कर विभिन्न मामलों के अपराधियों की जमानत कराया करता था। इस कार्रवाई से अदालतों को गुमराह करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
पिता का नाम और फर्जी हस्ताक्षर का सहारा
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान देव प्रताप सिंह (उम्र 34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम अजबनगर (रंगपारा), थाना जयनगर, जिला सूरजपुर का निवासी है।
मामले की विवेचना के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि देव प्रताप सिंह ने अपने सगे पिता के नाम का एक फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाया था। जब भी किसी आरोपी की जमानत करानी होती थी, तो वह खुद को अपने पिता के रूप में अदालत के सामने पेश करता था। अदालत को चकमा देने के लिए वह दस्तावेजों पर अपने पिता के जाली हस्ताक्षर भी करता था। इस प्रकार, कानून की आंखों में धूल झोंककर वह लंबे समय से अपराधियों को जमानत दिलवा रहा था।
कई अदालतों में फैला था जाल
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपी के खिलाफ इस तरह के फर्जीवाड़े के कई मामले पहले से ही विभिन्न अदालतों में जांच के अधीन हैं। देव प्रताप सिंह द्वारा सूरजपुर न्यायालय के आपराधिक प्रकरण क्रमांक 28/2025 और 30/2025 में भी इसी तरह फर्जी और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर अन्य आरोपियों की जमानत कराने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा, अंबिकापुर स्थित न्यायालय में भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक अन्य आरोपी की जमानत कराने का मामला वर्तमान में जांच के दायरे में है।
जांच में असहयोग और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(ए) के तहत नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने और अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। इसके बावजूद आरोपी ने न तो पुलिस जांच में कोई सहयोग किया और न ही यह जानकारी दी कि उसने यह फर्जी आधार कार्ड कहां तैयार करवाया था और उसे कहां छिपाकर रखा है। आरोपी के असहयोग के कारण फर्जी दस्तावेज की बरामदगी फिलहाल नहीं हो सकी है।
लगातार जांच से बचने और भविष्य में भी इसी तरह के गंभीर न्यायिक अपराधों को दोहराने की आशंका को देखते हुए, सूरजपुर पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को आरोपी देव प्रताप सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है:
धारा 318(4) BNS: छल (Cheating) करने और धोखाधड़ी के माध्यम से किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए।
धारा 319 BNS: प्रतिरूपण द्वारा छल (Cheating by Personation) – यानी अपनी पहचान बदलकर किसी दूसरे व्यक्ति का रूप धारण कर धोखा देना।
धारा 337 BNS: जालसाजी और कूटरचना (Forgery) – जाली और फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में।
विस्तृत जांच जारी, खुल सकते हैं कई बड़े राज
सूरजपुर पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस उन तकनीकी और प्रशासनिक कड़ियों को जोड़ रही है जिनकी मदद से यह फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया था। इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों, एजेंटों या मददगारों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस अन्य जिला न्यायालयों से भी संपर्क कर आरोपी द्वारा पूर्व में कराई गई अन्य संदेहास्पद जमानतों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।

Share This Article
Leave a comment