सूरजपुर : जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर रेना जमील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समय-सीमा (टीएल) बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के सर्वांगीण विकास से जुड़ी विभिन्न विभागीय योजनाओं और जनहित कार्यक्रमों की प्रगति की अत्यंत बारीकी से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार का ढुलमुल रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी।
कृषि एवं खाद्य सुरक्षा: किसानों को समय पर खाद-बीज का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित हो
आगामी कृषि सीजन और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में कृषि विभाग की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने विभिन्न समितियों में खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता, उनके उठाव तथा वितरण की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के किसानों को खेती-किसानी के मुख्य समय में किसी भी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े, इसके लिए खाद-बीज का शत-प्रतिशत और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही, पारदर्शी व्यवस्था के तहत किसानों के अग्रिस्टैक पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे शीघ्र पूरा करने को कहा गया। खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया कि राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी कार्य प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से पूर्ण कराया जाए ताकि सभी पात्र हितग्राहियों को बिना किसी बाधा के राशन उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य सेवाएं: हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर विशेष ध्यान और मौसमी बीमारियों से निपटने के कड़े निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर रेना जमील ने विकासखंडवार संस्थागत प्रसव की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) के मामलों की पहचान कर उन्हें बेहतर और त्वरित उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही जिले में स्नेक बाइट (सर्पदंश) और मौसमी बीमारियों के बढ़ने वाले खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया। उन्होंने कड़े लहजे में निर्देश दिए कि जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक और जिला अस्पतालों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों, एंटी-स्नेक वेनम और अन्य जरूरी उपचार सुविधाओं की चौबीसों घंटे उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में शिशु टीकाकरण, ओरल एवं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित हाट-बाजार क्लीनिक योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल समुचित इलाज मुहैया कराने और प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत देय लाभ समय पर दिलाने की बात कही गई।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार: लापरवाह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस और वेतन कटौती की चेतावनी
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित और ऑनलाइन उपस्थिति की कड़ाई से निगरानी करने के निर्देश दिए। ड्यूटी से नदारद या दायित्वों के प्रति लापरवाह पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ (शो-कॉज) जारी करने और आवश्यकतानुसार वेतन कटौती सहित अन्य कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों को शासन की मंशानुरूप पाठ्यपुस्तकों और शाला गणवेश (यूनिफॉर्म) का शत-प्रतिशत वितरण शीघ्रता से सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष रूप से काउंसिलिंग करने, विकासखंड स्तर पर व्यावहारिक रणनीति तैयार करने तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को प्रोत्साहित करने व कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों में सुधारात्मक कदम उठाने की हिदायत दी गई। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग, हाउसिंग बोर्ड और पंचायत जैसी निर्माण एजेंसियों को स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शौचालय निर्माण कार्य को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बुनियादी ढांचा, बिजली एवं जन शिकायत निवारण
ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम सचिवों द्वारा जारी किए जाने वाले जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्रों की प्रगति की समीक्षा की गई। ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्गत ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वर्षा ऋतु में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और तकनीकी खराबी की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
लोक निर्माण विभाग को जिले में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की त्वरित मरम्मत कराने को कहा गया ताकि आवागमन में आम जनता को असुविधा न हो। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूल बसों का फिटनेस परीक्षण, वाहन चालकों की स्वास्थ्य व दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने जनदर्शन, मुख्यमंत्री जनदर्शन और पीएम पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाली मांगों तथा शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को स्पष्ट आदेश दिए कि इन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत और समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए ताकि जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।
बैठक में मुख्य प्रशासनिक उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समय-सीमा बैठक में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष के भीतर मुख्य रूप से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेन्द्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, डिप्टी कलेक्टर, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर रेना जमील ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
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