सरगुजा: शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भपात कराने वाला आरोपी गिरफ्तार, गांधीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Deshkibaat24
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अंबिकापुर : सरगुजा जिले में नाबालिगों से संबंधित अपराधों पर लगाम लगाने और त्वरित कार्रवाई करने के अभियान के तहत थाना गांधीनगर पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से जबरन दुष्कर्म करने और बाद में उसका गर्भपात कराने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस त्वरित वैधानिक कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप है।
शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, फिर कराया गर्भपात
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने थाना गांधीनगर में उपस्थित होकर मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 18 नवंबर 2024 को सुलसुली (थाना त्रिकुंडा, जिला बलरामपुर) का रहने वाला रमेश कुमार रवि उसके किराए के कमरे में आया। वहां उसने पीड़िता को प्रेम जाल में फंसाया और शादी करने का झांसा देकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इस घिनौने कृत्य के बाद जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो आरोपी ने उसे जबरन कोई दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद जब पीड़िता ने उस पर शादी करने और साथ रखने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने साफ तौर पर इनकार कर दिया और उसे धोखा देकर फरार हो गया।
पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गांधीनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 335/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (2)(एम), 89 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।
घेराबंदी कर आरोपी को किया गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा पीड़िता का विस्तृत कथन दर्ज किया गया और आरोपी की तलाश के लिए जाल बिछाया गया। मुखबिरों की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रमेश कुमार रवि (आत्मज जगदीश रवि, उम्र 23 वर्ष, निवासी सुलसुली, थाना त्रिकुंडा, जिला बलरामपुर) को हिरासत में ले लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म करने और गर्भ ठहरने पर जबरन गर्भपात कराने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी के खिलाफ अपराध के पर्याप्त सबूत पाए जाने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस पूरे अंधे कत्ल और गंभीर मामले का खुलासा करने तथा आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने में थाना गांधीनगर के उप निरीक्षक दिलीप दुबे, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, आरक्षक कुंदन पाण्डेय, मदन पैकरा और घनश्याम देवांगन की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही।

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