सरगुजा के उदयपुर में रामगढ़ महोत्सव की धूम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई दिग्गज नेता हुए शामिल

Deshkibaat24
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विशेष संवादाता मोहम्मद रिजवान

अम्बिकापुर : जिला सरगुजा के उदयपुर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने के उद्देश्य से भव्य ‘रामगढ़ महोत्सव’ का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित शासन के कई वरिष्ठ मंत्रियों, विधायकों और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों ने शिरकत की। सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा भी विशेष रूप से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनीं। महोत्सव में सरगुजा संभाग और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में नागरिक इस सांस्कृतिक समागम के साक्षी बनने पहुंचे।
दिग्गज राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों का रहा जमावड़ा
आयोजन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम और मंत्री राजेश अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित रहे। इनके अलावा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा, विधायक शकुंतला पोर्ते, विधायक रामकुमार टोप्पो और विधायक प्रबोध मिंज ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भारतीय जनता पार्टी के कई प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया।
सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक: उद्देश्वरी पैकरा
महोत्सव को संबोधित करते हुए सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और जन सहभागिता का अनूठा प्रतीक है। इस तरह के भव्य आयोजनों से न केवल क्षेत्र की छिपी हुई सांस्कृतिक प्रतिभाओं और लोक कला को एक नई पहचान मिलती है, बल्कि यह हमारे सामाजिक ताने-बाने और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करता है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि इस महोत्सव का हिस्सा बनकर उन्हें क्षेत्र की लोक कला, समृद्ध परंपराओं और आम जनता की भावनाओं से सीधे जुड़ने का एक बेहद सुखद अवसर प्राप्त हुआ है।
लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
रामगढ़ महोत्सव के दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कला और संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों द्वारा दी गई विभिन्न मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद सभी दर्शकों को बांधे रखा। लोक गीतों और पारंपरिक नृत्यों की गूंज से पूरा उदयपुर क्षेत्र उत्साह और उमंग के माहौल में सराबोर नजर आया। प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से भी इस दो दिवसीय महोत्सव को सफल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।

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