ग्लोबल पब्लिक स्कूल सुदामा नगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव, जरूरतमंद बच्चों को बांटी गई पाठ्य सामग्री

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में  नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ के पावन अवसर पर स्थानीय सुदामा नगर स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ‘ग्लोबल पब्लिक स्कूल’ में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ बेहद धूमधाम, गरिमा और अद्वितीय उत्साह के साथ मनाया गया। ग्रीष्मकालीन अवकाश की लंबी अवधि के बाद विद्यालय लौटे बच्चों का विद्यालय परिवार और प्रबंधन द्वारा पलकें बिछाकर पारंपरिक रूप से आत्मीय स्वागत किया गया। इस विशेष आयोजन के दौरान शिक्षा के व्यापक प्रसार और समाज सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित सभी अभिभावकों और नागरिकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
मुख्य अतिथि: विशिष्टता की नई मिसाल पेश करते हुए विद्यालय के ही एक छात्र के अभिभावक महेंद्र देवांगन मुख्य अतिथि रहे।
हरित शुभारंभ: पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में वृहद ‘पौधारोपण’ किया गया।
पारंपरिक अभिनंदन: नए व पुराने बच्चों का माथे पर चंदन का तिलक लगाकर और आरती उतारकर आत्मीय स्वागत हुआ।
मानवीय पहल: स्कूल प्रबन्ध समिति द्वारा RTE व अनाथ/अति गरीब बच्चों को निःशुल्क ड्रेस और स्टेशनरी का वितरण किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन: स्कूल चेयरमैन अनिल देवांगन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों की मुख्यधारा में वापसी पर विशेष जोर दिया गया।
पौधारोपण और पारंपरिक आरती के साथ हुआ बच्चों का भव्य स्वागत
ग्लोबल पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने इस वर्ष शाला प्रवेश उत्सव को एक नया, प्रगतिशील और सकारात्मक रूप देते हुए किसी राजनीतिक वीआईपी या प्रशासनिक अधिकारी की जगह, विद्यालय के ही एक छात्र के अभिभावक, महेंद्र देवांगन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। इस अनूठी पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि महेंद्र देवांगन और विद्यालय के शिक्षक स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से औषधीय व छायादार पौधों का रोपण करके की गई। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने का एक बेहतरीन जीवंत संदेश दिया गया।
लंबे ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पुनः स्कूल पहुंचे बच्चों का स्वागत सनातन भारतीय संस्कृति के अनुसार बेहद खास और भव्य अंदाज में किया गया। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने मुख्य प्रवेश द्वार पर ही सभी बच्चों के माथे पर कुमकुम और चंदन का पवित्र टीका लगाया, अक्षत लगाए और आरती उतारी। विद्यालय परिसर में पैर रखते ही इस प्रकार के आत्मीय और स्नेहपूर्ण स्वागत को देखकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी और उनका उत्साह दोगुना हो गया।
जरूरतमंद बच्चों को मिला शिक्षा का संबल
प्रवेश उत्सव के इस पावन अवसर पर स्कूल प्रबन्ध समिति द्वारा एक अत्यंत पुनीत और मानवीय कार्य किया गया। समिति ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेशित बच्चों तथा ऐसे अत्यंत निर्धन व अनाथ बच्चों को, जिनके माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं, उन्हें स्कूल की ओर से मुफ्त में स्कूल ड्रेस (गणवेश), कॉपियां, किताबें और संपूर्ण स्टेशनरी सामग्री भेंट की। विद्यालय प्रबंधन की इस संवेदनशील पहल से इन जरूरतमंद बच्चों को अपनी पढ़ाई बिना किसी आर्थिक बाधा के निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए एक बहुत बड़ा संबल और सशक्त आधार मिला है।
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: अनिल देवांगन
कार्यक्रम के मुख्य सत्र के दौरान ग्लोबल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन अनिल देवांगन ने उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और गणमान्य अभिभावकों को संबोधित करते हुए एक बेहद प्रेरक और दिशा-निर्देशक संदेश दिया।
अपने सारगर्भित संबोधन में अनिल देवांगन ने कहा, “शिक्षा का वास्तविक अर्थ केवल किताबी ज्ञान देना या साक्षर बनाना नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करना है। आज परिसर में हमने जो पौधारोपण किया है, वह केवल एक रस्म नहीं बल्कि पर्यावरण को बचाने के प्रति हमारा साझा संकल्प है।”
विद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और उत्तरदायित्व पर विस्तार से बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “हमारा यह दृढ़ और अडिग विश्वास है कि धन के अभाव या किसी सामाजिक लाचारी के कारण दुनिया का कोई भी बच्चा शिक्षा के उजाले से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसलिए हमारा विद्यालय प्रशासन अति गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह से निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध और संकल्पित है।”
समाज और अभिभावकों से एक विशेष और मार्मिक अपील करते हुए अनिल देवांगन ने कहा, “मेरा आप सभी जागरूक नागरिकों से सविनय निवेदन है कि यदि आपके आस-पास या पड़ोस में ऐसे कोई भी ‘शाला त्यागी’ (ड्रॉपआउट) बच्चे दिखाई दें, जिन्होंने किसी भी मजबूरी या विपरीत परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है, तो कृपया उनके माता-पिता की काउंसलिंग करें, उन्हें प्रेरित करें। उन बच्चों की उंगली पकड़कर उन्हें पुनः स्कूल के दरवाजे तक लेकर आएं, ताकि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से वापस जोड़ा जा सके और उनका भविष्य अंधकारमय होने से बच सके।”
समारोह का समापन: गरिमामयी कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी आगंतुकों, अभिभावकों और मुख्य अतिथि के प्रति आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस गौरवशाली और उल्लासपूर्ण अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, गैर-शिक्षण कर्मचारी, भारी संख्या में हर्षित विद्यार्थी और प्रबुद्ध अभिभावक उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम अनुशासन और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।

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